
श्री दुर्गा माता
“महिषासुरमर्दिनी — अजेय दुर्ग, राक्षस-विजेत्री”
एक नज़र में
- अधिष्ठान
- धर्म-रक्षा, साहस, असत्य का वध
- उद्भव
- समस्त देवताओं का संयुक्त तेज
- पति
- अनन्य — स्वयंसिद्धा
- वाहन
- सिंह / व्याघ्र
- पूजा दिवस
- मंगलवार-शुक्रवार; नवरात्रि की रात्रियाँ
- बीज मंत्र
- ॐ दुं दुर्गायै नमः
- स्वरूप
- नवदुर्गा (नवरात्रि के नौ रूप)
पवित्र पाठ और मंत्र
दुं बीज मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
Om Dum Durgayai Namaha
"दुर्गा को प्रणाम" — यात्रा, परीक्षा या कठिन परिस्थिति से पूर्व नौ बार जपा जाता है; परंपरा कहती है यह जपकर्ता के चारों ओर अदृश्य दुर्ग बनाता है।
या देवी सर्वभूतेषु
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Ya devi sarvabhuteshu shakti-rupena samsthita | Namastasyai namastasyai namastasyai namo namah ||
"जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप से विद्यमान है, उसे बारंबार प्रणाम।" दुर्गा सप्तशती का गर्जनमय दोहराव, नवरात्रि की प्रातः गूंजता है।
पूजा कैसे करें
सामान्य दैनिक पूजा
नवरात्रि में सूर्योदय से पूर्व स्नान; चित्र के समक्ष दीप, लाल गुड़हल, सिंदूर और मौसमी फल अर्पित करें। दुर्गा सप्तशती का अध्याय या अर्गला स्तोत्र पढ़ें; दुं बीज 108 बार जपें। आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ समापन।
पारंपरिक अर्पण
- लाल गुड़हल एवं सिंदूर
- मौसमी फल, पंचामृत
- चुनरी वस्त्र व चूड़ियाँ — देवी को समर्पित
- अष्टमी पर हलवा-पूरी-चना भोग
- कन्या पूजन — अष्टमी/नवमी को नौ कन्याओं को भोजन
व्रत के बारे में: नवरात्रि व्रत: फलाहार या एक समय भोजन; अनेक भक्त प्रतिवर्ष सम्पूर्ण नौ दिन रखते हैं — कन्या पूजन इसका शिखर माना जाता है।
प्रसिद्ध मंदिर
🛕 Vaishno Devi Shrine
Katra, Jammu & Kashmir
त्रिकुटा पहाड़ियों की 13 किलोमीटर गुफा-यात्रा, तीन स्वाभाविक शिलाएँ (महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती) — धरती के सर्वाधिक दर्शनीय स्थलों में, वार्षिक एक करोड़ यात्री।
🛕 Kamakhya Temple
Guwahati, Assam
नीलाचल पहाड़ी का तांत्रिक शक्तिकेंद्र — जहाँ सती की योनि गिरी; अम्बुबाची उत्सव देवी के वार्षिक चक्र को पवित्र मानकर उर्वरता को ही पूजता है।
🛕 Chamundeshwari Temple
Mysore, Karnataka
मैसूर पैलेस के ऊपर चामुण्डी पहाड़ी का मुकुट — चंड-मुंड का वध करने वाली देवी उस नगर पर दृष्ट रखती हैं जिसकी दसरा शोभायात्रा उनकी विजय-आभार से आरम्भ हुई।
🛕 Ambaji Temple
Banaskantha, Gujarat
51 शक्तिपीठों में से एक जहाँ सती का हृदय गिरा — कोई मूर्ति नहीं, केवल स्वर्ण-आच्छादित श्रीयंत्र; भादरवी पूर्णिमा मेले में लाखों गब्बर पहाड़ी चढ़ते हैं।
त्योहार
🎉 Navratri & Durga Puja
आश्विन मास (सितंबर–अक्टूबर)
गुजरात की नौ रातें गरबा-रास, बंगाल का पंडाल-भ्रमण, तमिलनाडु की गोलू गुड़ियाँ — फिर विजयादशमी पर पुतले दहन और अगले वर्ष तक विदाई।
🎉 Chaitra Navratri
चैत्र मास (मार्च–अप्रैल)
हिन्दू नववर्ष का प्रारम्भ करती वसंत की नौ रात्रियाँ — वही नौ देवियाँ, अधिक शांत अनुष्ठान, रामनवमी में समापन।