दिव्य सत्ताओं और ज्ञानी महापुरुषों की सुंदर प्रोफ़ाइल — कथाएँ, प्रतीक, मंदिर और शाश्वत शिक्षाएँ।
विघ्नहर्ता
भक्ति, बल और निःस्वार्थ सेवा का साक्षात् प्रतिरूप
महादेव — काल से परे मंगलमय स्वयंभू
जब-जब धर्म की हानि होती है, वे अवतरित होते हैं
दिव्य संविदाकार, मुरलीधर और आत्मा के सारथि
मर्यादा पुरुषोत्तम — धर्म का साक्षात् स्वरूप
श्री — सौभाग्य और पूर्णता की प्रवाहमयी कृपा
वाग्देवी — ज्ञान, संगीत और वाणी की प्रवाहिनी
महिषासुरमर्दिनी — अजेय दुर्ग, राक्षस-विजेत्री
आदि शक्ति — पर्वत-पुत्री जिन्होंने योगी को विजित किया
मुरुगन — देवसेनापति, ज्वलंत शक्ति-वेल के धारक
महाराज-जी — असीम प्रेम के संत
हिमालय के अजर-अमर योगी
अरुणाचल के संत जिन्होंने मौन सिखाया
आनन्द से परिपूर्ण माँ — मानव रूप में दिव्य उपस्थिति