
श्री कृष्ण जी
“दिव्य संविदाकार, मुरलीधर और आत्मा के सारथि”
एक नज़र में
- अधिष्ठान
- प्रेम, कर्मयुग धर्म, दिव्य आनन्द
- जन्मभूमि
- मथुरा कारागार; पालन गोकुल-वृन्दावन
- माता-पिता
- देवकी-वसुदेव; पालन यशोदा-नंद
- राजधानी
- द्वारका
- पूजा दिवस
- बुधवार; जन्माष्टमी; एकादशी
- महामंत्र
- हरे कृष्ण हरे कृष्ण…
- अस्त्र
- सुदर्शन चक्र · पंचजन्य शंख
पवित्र पाठ और मंत्र
हरे कृष्ण महामंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
Hare Krishna Hare Krishna Krishna Krishna Hare Hare | Hare Rama Hare Rama Rama Rama Hare Hare ||
दिव्य ऊर्जा (हरे), सर्वाकर्षक आनन्द (कृष्ण) और अंतरंग आनन्द (राम) का षोडश-नाम आह्वान — कलि-संतरण उपनिषद् इस युग हेतु महामंत्र बताता है।
यदा यदा हि धर्मस्य
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
Yada yada hi dharmasya glanir bhavati Bharata | Abhyutthanam adharmasya tadatmanam srijamyaham ||
"हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं स्वयं को प्रकट करता हूँ।" समयपर अवतरण की दिव्य प्रतिज्ञा — गीता 4.7.
पूजा कैसे करें
सामान्य दैनिक पूजा
स्नान कर लड्डू गोपाल या चित्र को नए वस्त्र पहनाएँ; मख्खन-मिश्री, तुलसी-दल और जल अर्पित करें; छोटा दीप दिखाकर एक भजन गाएँ। दस गीता-श्लोक पढ़ें; अंत में महामंत्र 16 माला या समयानुसार जपें।
पारंपरिक अर्पण
- ताज़ा मख्खन-मिश्री
- प्रत्येक अर्पण पर तुलसी-दल अनिवार्य
- पीले वस्त्र और मोर पंख
- उत्सवों में पंजीरी, राबड़ी, खीर
- वेदी पर रखी मुरली
व्रत के बारे में: एकादशी व्रत द्वादशी में पारण होता है; प्रतिदिन महामंत्र के 16 माला (2764 नाम) जप ISKCON की मानक साधना है।
प्रसिद्ध मंदिर
🛕 Banke Bihari Temple
Vrindavan, Uttar Pradesh
स्वामी हरिदास द्वारा निधिवन में प्रकट बिहारी जी के दर्शन झिलमिलाते पर्दे के साथ होते हैं — भक्त कहते हैं उनका नेत्र-निक्षेप ऐसा है कि पुजारी को बीच में पर्दा डालना पड़ता है।
दर्शन का सर्वोत्तम समय: अक्टूबर–मार्च; होली एवं जन्माष्टमी अलौकिक
🛕 Dwarkadhish Temple
Dwarka, Gujarat
अरब सागर किनारे कृष्ण की अपनी राजधानी द्वारका — चारधामों में से एक; 78 मीटर शिखर का ध्वज दिन में पाँच बार बदलता है।
🛕 Guruvayur Sree Krishna Temple
Guruvayur, Kerala
'भूलोक वैकुण्ठ' — दिन में तीन बार पूजित बालगोपाल; यहाँ के विवाह और अन्नप्राशन केरल के पवित्रतम संस्कार हैं।
🛕 Shrinathji Temple
Nathdwara, Rajasthan
रक्षा हेतु 1672 में मथुरा से लाई गोवर्धन-उठाते श्रीनाथ जी — शिला से उभरी भुजा की मूर्ति, जीवित राजकुमार की भाँति दिन में आठ झाँकियों में सेवित।
त्योहार
🎉 Janmashtami
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (अगस्त–सितंबर)
दिव्य जन्म की मध्यरात्रि उत्सव — झूला सजावट, महाराष्ट्र के दही-हांडी मानव पिरामिड, और बारह बजे तक अखंड कीर्तन।
🎉 Govardhan Puja & Annakut
कार्तिक मास (दिवाली के अगले दिन)
अन्नकूट — देवता के समक्ष हज़ारों मिठाइयों का पर्वत सजता है, गोवर्धन-पूजा का पुनःआवाहन; इसके बाद गौ-पूजन शोभायात्राएँ।