
श्री पार्वती माता
“आदि शक्ति — पर्वत-पुत्री जिन्होंने योगी को विजित किया”
एक नज़र में
- अधिष्ठान
- शक्ति, भक्ति, सौभाग्य, मातृत्व
- माता-पिता
- हिमवान (हिमालय) एवं मेनका; सती का पुनर्जन्म
- पति
- श्री शिव — अर्धनारीश्वर के रूप में एक शरीर
- संतान
- गणेश एवं कार्तिकेय
- पूजा दिवस
- मंगल/शुक्रवार; हरयाली तीज; नवरात्रि
- बीज मंत्र
- ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः
- प्रमुख रूप
- दुर्गा · काली · गौरी · मीनाक्षी
पवित्र पाठ और मंत्र
ह्रीं बीज मंत्र
ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः
Om Hreem Parvatyai Namaha
ह्रीं शक्ति का हृदय-बीज है — आंतरिक बल, सुहाग-सौभाग्य और सोई हुई साहस जगाने हेतु जपा जाता है।
सौन्दर्यलहरी (प्रारम्भ)
शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुं न चेदेवं देवो न खलु कुशलः स्पन्दितुमपि।
Shivah shaktya yukto yadi bhavati shaktah prabhavitum na chedevam devo na khalu kushalah spanditum api ||
"शक्ति से युक्त होकर ही शिव सृष्टि करने में समर्थ है; उसके बिना वे कंपन तक नहीं कर सकते।" आदि शंकराचार्य का प्रथम श्लोक — दो पंक्तियों में सम्पूर्ण शाक्त दर्शन।
पूजा कैसे करें
सामान्य दैनिक पूजा
शुक्र/मंगलवार: स्नान कर लाल-पीले वस्त्र, गुड़हल, मेहंदी पत्ते, कुमकुम और मिठाई अर्पित करें; कपूर दिखाकर ह्रीं बीज 108 बार जपें। सुहागिनें किसी भी मिठाई का पहला टुकड़ा देवी को समर्पित करती हैं।
पारंपरिक अर्पण
- लाल गुड़हल, गेंदा व मेहंदी पत्ते
- हलवा, खीर एवं मौसमी फल
- सिंदूर, चुनरी, चूड़ियाँ — सुहाग-सामग्री
- ताज़ा घटी हल्दी का लेप
- तीज पर हरी सब्जियों का अर्पण
व्रत के बारे में: तीज व्रत: कुछ निर्जला, कुछ फलाहार — सार है सावन के झूलों तले अपने पवित्र संकल्पों का स्मरण।
प्रसिद्ध मंदिर
🛕 Meenakshi Amman Temple
Madurai, Tamil Nadu
पार्वती जन्मीं मीनाक्षी — मछली-नेत्र योद्धा रानी जिन्होंने तीनों लोक जीते फिर शिव में समतुल्य पाया; 14 गोपुरमों का यह मंदिर-नगर सब ऊपर है।
🛕 Kamakhya Temple
Guwahati, Assam
जहाँ सती की सृजन-शक्ति (योनि) गिरी — अम्बुबाची मेला देवी के वार्षिक चक्र का उत्सव, उर्वरता को ही पूज्य घोषित करता है।
🛕 Kanyakumari Bhagavathy Temple
Kanyakumari, Tamil Nadu
तीन समुद्रों का संगम — कुमारी देवी यहाँ शिव की प्रतीक्षा में सनातन तपस्विनी हैं; उनकी हीरे की नथ कहा जाता है रात में जहाज़ों को मार्ग दिखाती है।
🛕 Annapurna Devi Temple
Varanasi, Uttar Pradesh
विश्वनाथ के समीप — जहाँ पार्वती ने शिव को सिखाया कि अन्न ही ब्रह्म है: कथा है काशी भूखा रह गया था जब अन्नपूर्णा की रसोई बंद हुई।
त्योहार
🎉 Hariyali Teej / Hartalika Teej
श्रावण एवं भाद्रपद (जुलाई–सितंबर)
वर्षा-उत्सव पार्वती की तपस्या का पुनःआवाहन: पेड़ों पर झूले, मेहंदी, हरी चुनरियाँ, गौरी के गीत — भक्तिनें उसी प्रकार सुहाग हेतु व्रत रखती हैं।
🎉 Navratri (as Adi Shakti)
आश्विन एवं चैत्र मास
उनके नौ स्वरूपों की नौ रात्रियाँ — विजयादशमी में समापन, जो विजय उनकी ही ऊर्जा दुर्गा द्वारा प्राप्त करती है।