ऑल अबाउट लॉर्ड
सभी देवी-देवताओं की सूची पर वापस जाएँ
श्री सरस्वती माता

श्री सरस्वती माता

वाग्देवी — ज्ञान, संगीत और वाणी की प्रवाहिनी

एक नज़र में

अधिष्ठान
ज्ञान, कला, वाणी, विवेक
पति
ब्रह्मा (सृजन को ज्ञान की आवश्यकता)
वाहन
श्वेत हंस एवं मोर
पूजा दिवस
वसंत पंचमी; नवरात्रि के अंतिम दिन
बीज मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
नदी रूप
वैदिक सरस्वती नदी
वर्ण
शुद्ध श्वेत — सत्त्व ही

पवित्र पाठ और मंत्र

Mantra

ऐं बीज मंत्र

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः

Om Aim Saraswatyai Namaha

"सरस्वती को प्रणाम", बीज 'ऐं' के साथ — विद्यार्थी परीक्षा से पूर्व, कलाकार प्रदर्शन से पूर्व जपते हैं।

Shloka

या कुन्देन्दु तुषारहार

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥

Ya kundendu tushara-hara-dhavala ya shubhra-vastravrita | Ya vina-vara-danda-manditakara ya shveta-padmasana ||

"जैसे जूही, चंद्र और हिम की शोभा; श्वेत वस्त्रधारिणी; वीणा-हस्ता, श्वेत पद्मासना — ऐसी देवी विद्या के रूप में मेरे मस्तिष्क में सदा विराजें।" करोड़ों कक्षाओं में प्रातः गाया जाने वाला प्रार्थना-गीत।

पूजा कैसे करें

सामान्य दैनिक पूजा

अध्ययन से पूर्व श्वेत/पीले वस्त्र में स्नान करें। श्वेत पुष्प (चमेली, रजनीगंधा) अर्पित करें, पुस्तक/वाद्य उनके चरणों में रखें, कपूर दिखाएँ। ऐं बीज 27 बार, फिर या कुन्देन्दु श्लोक। प्रत्येक अध्ययन-सत्र एक कृतज्ञता-वाक्य से आरम्भ करें।

पारंपरिक अर्पण

  • श्वेत चमेली व रजनीगंधा
  • मुरमुरा, दही एवं पोहा
  • बेर फल व बटाशा
  • रातभर वेदी पर रखा वीणा/कलम/वाद्य
  • आसन हेतु श्वेत वस्त्र

व्रत के बारे में: वसंत पंचमी व्रत: उस दिन अध्ययन नहीं — पुस्तकें देवी के चरणों में विश्राम करती हैं; दोपहर तक मौन धारण कल्याणकारी माना गया है।

प्रसिद्ध मंदिर

🛕 Gnana Saraswati Temple

Basar, Telangana

गोदावरी तट पर भारत के दो प्राचीन सरस्वती मंदिरों में से एक — यहीं बच्चों का अक्षराभ्यास (पहला अक्षर-लेखन) कराया जाता है।

🛕 Sharadamba Temple

Sringeri, Karnataka

8वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने शारदा की यहाँ प्रतिष्ठा की, शृंगेरी पीठ की स्थापना की — नवरात्रि में चंदन-सरस्वती स्वर्णमयी हो उठती हैं।

🛕 Panachikkad Dakshina Mookambika Temple

Kottayam, Kerala

सदाबहार वन-उपवन में स्थित 'दक्षिण की मूकांबिका' — विजयादशमी की प्रातः यहाँ हज़ारों विद्यारम्भ करते हैं।

🛕 Sri Koothanur Mahasaraswathi Temple

Koothanur, Tamil Nadu

संभवतः भारत का एकमात्र स्वतंत्र सरस्वती मंदिर, जिसे कवि-राजा ने तमिल काव्य हेतु बनवाया — कवि आज भी प्रथम रचना उनके चरणों में अर्पित करते हैं।

त्योहार

🎉 Vasant Panchami / Saraswati Puja

माघ शुक्ल पंचमी (जनवरी–फरवरी)

हर ओर पीला — सरसों के खेत, केसरी वस्त्र, केसरिया चावल। पुस्तकें और वाद्य देवी के समक्ष; इसी दिन बच्चे पहला अक्षर लिखते हैं।

🎉 Ayudha Puja / Saraswati Puja (Navratri)

आश्विन मास (सितंबर–अक्टूबर), महानवमी

पुस्तकें, लैपटॉप, वाद्य और औज़ार एक दिन विश्राम करते हैं, उनकी पूजा होती है — अध्ययन वर्जित!

श्री सरस्वती माता — कथा, मंत्र, प्रतीक और प्रसिद्ध मंदिर | All About Lord