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रमण महर्षि

रमण महर्षि

अरुणाचल के संत जिन्होंने मौन सिखाया

एक नज़र में

जन्म नाम
वेंकटरमण अय्यर (1879–1950)
बोध
16 वर्ष की आयु में, मदुरै — मृत्यु-अनुभव
गिरि-गृह
अरुणाचल, तिरुवन्नामलै
मूल शिक्षा
"मैं कौन?" — आत्म-विचार
उपदेश पद्धति
शब्दों से ऊपर मौन
आश्रम
श्री रमणाश्रम, तिरुवन्नामलै
परंपरा
स्वघोषित — पहाड़ स्वयं घर बुला गया

पवित्र पाठ और मंत्र

Stotra

नान् यार — मैं कौन? (सार)

सर्व वेदान्तों का सार यही है — चिंतन के द्वारा 'मैं' की परिधि से परे जाना।

The essence of all Vedanta: trace every thought to its root — hold to the pure 'I-I', and thoughts dissolve like waves into ocean.

उनकी एकमात्र गद्य-शिक्षा (22 वर्ष की आयु में): जब अन्य विचार उठें, पूछें 'किसे उठे?' — 'मुझे।' उस 'मैं' को पकड़े रहें जब तक वह अपने स्रोत में विलीन न हो जाए। यही विलय बोध है।

Shloka

अक्षरमणमालै (प्रारम्भ)

अरुणाचलं शिवमूर्तिं रामणमहर्षिं चिन्तये॥ (भाव) — हृदयगुहा में ज्योति स्वयं अरुणाचल है।

(Bhava) The heart-cave's light is itself Arunachala — I have sought and found my husband within.

पहाड़ के लिए 108 पदों की वधू-भाव संध्या — अरुणाचल को प्रियतम पति संबोधित करते हुए, जिसे वधू का होना ही लेना है।

पूजा कैसे करें

सामान्य दैनिक पूजा

कोई विधि आवश्यक नहीं — उनका आदेश: सुखासन में बैठें, पूछें 'मैं कौन?', उस 'मैं'-भाव को ध्यान में रखें जब तक विचार शांत हों। दस मिनट का अभ्यास घंटों की विधि से ऊपर है। चित्र के समक्ष प्रणाम, एक मिनट मौन।

पारंपरिक अर्पण

  • मौन — उनका सर्वप्रिय अर्पण
  • चाहें तो ताज़ा चमेली व कमल
  • चित्र के समक्ष कपूर दीप
  • उनकी स्मृति में आश्रम-गायों को फल
  • नान् यार का एक अंश धीमे पढ़ना

व्रत के बारे में: पूर्णिमा की रात गिरिवलम् (अरुणाचल की 14 किमी नंगे पाँव परिक्रमा) — स्वयं उनकी सबसे प्रिय साधना।

प्रसिद्ध मंदिर

🛕 Sri Ramanasramam

Tiruvannamalai, Tamil Nadu

मातृ-समाधि के चारों ओर उगा आश्रम — प्रातः वेद पारायण, उस प्राचीन कक्ष में मौन सत्संग जहाँ 28 वर्ष वे विराजमान रहे, और पुस्तकालय।

🛕 Arunachala Hill & Girivalam Path

Tiruvannamalai, Tamil Nadu

पवित्र पहाड़ की 14 किलोमीटर नंगे पाँव परिक्रमा — विशेषतः पूर्णिमा को; रमण कहते थे कि इसका चलना ही सर्वश्रेष्ठ तीर्थ है।

🛕 Virupaksha & Skandashram caves

Tiruvannamalai, Tamil Nadu

ढलान की गुफाएँ जहाँ बीस वर्ष मौन रहे — आज भी वैसे ही संरक्षित; उनका कुआँ आज भी तीर्थयात्रियों को जल देता है।

🛕 Annamalaiyar Temple (base of hill)

Tiruvannamalai, Tamil Nadu

अरुणाचल तल पर विशाल शिव-मंदिर — कार्तिकै दीपम उत्सव जहाँ पहाड़ी शिखर पर महादीप जलता है; रमण ने इसे 'सत्य उत्सव' कहा था।

दर्शन का सर्वोत्तम समय: नवंबर–दिसंबर कार्तिकै दीपम; कोई भी पूर्णिमा गिरिवलम् रात्रि

त्योहार

🎉 Ramana Jayanti & Aradhana

दिसंबर (जन्म) · अप्रैल–मई (आराधना)

जयंती पर मूर्ति का अभिषेक व वैदिक पाठ; आराधना उनके महानिर्वाण दिवस को — उस दिन आकाश में उल्का गुज़रती देखी गई थी।

🎉 Karthigai Deepam

कार्तिकै मास (नवंबर–दिसंबर)

अरुणाचल शिखर पर घृत-वस्त्र की महाज्योति — रमण ने स्वयं उसे स्वतः प्रज्वलित होते देखा था, कहा था 'मन हृदय में विलीन हो रहा है'।